यमन के भगौड़े राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की शांति बैठक में उपस्थिति के लिए अपनी शर्तों को वापस ले लिया है।
पिछले तीन महीनों से यमन पर सऊदी अरब की ओर से किये जाने वाले निरंतर आक्रमणों के बाद मंसूर हादी ने मजबूर होकर अपनी शर्तें वापस ली हैं।
अलहयात नेट के अनुसार रियाज़ में शरण लिए हुए मंसूर हादी ने अंसारुल्लाह आन्दोलन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उनकी वापसी, अंसारुल्लाह की ओर से हथियार वापस करने और संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बारे में वार्ता जैसी बातें मंसूर हादी की शर्तें थीं जिन्हें उन्होंने वापस ले लिया है।
इसी बीच मंसूर हादी के एक निकटवर्ती स्रोत ने बताया है कि जेनेवा वार्ता में सऊदी अरब में मौजूद यमन के अपदस्थ मंत्रीमण्डल का नेतृत्व, मंसूर हादी के सलाहकार ख़ालिद बेहाह करेंगे।
इससे पहले अंसारुल्लाह आन्दोलन ने भी घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्रसंघ के नेतृत्व में शांतिवार्ता के लिए तैयार है। यह वार्ता, 14 जून को जनेवा में होगी।